वृषणकोश (Scrotum) और अधिवृषण (Epididymis) की स्थिति और कार्य का वर्णन कीजिए।

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(N/A) $(1)$ वृषणकोश (Scrotum):
स्थिति: यह पुरुषों में उदर गुहा के बाहर स्थित एक थैलीनुमा संरचना है,जिसमें वृषण स्थित होते हैं।
कार्य: यह वृषण के तापमान को शरीर के सामान्य आंतरिक तापमान से $2-2.5^{\circ}C$ कम बनाए रखता है,जो शुक्राणुजनन (spermatogenesis) के लिए आवश्यक है।
$(2)$ अधिवृषण (Epididymis):
स्थिति: यह प्रत्येक वृषण की पश्च सतह पर स्थित एक लंबी और अत्यधिक कुंडलित नलिका है।
कार्य: यह शुक्राणुओं के लिए एक अस्थायी भंडारण स्थल के रूप में कार्य करता है और शुक्राणुओं के परिपक्व होने तथा उनमें गतिशीलता प्राप्त करने के लिए अनुकूल वातावरण प्रदान करता है।

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